रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड में निहंगों से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है, जिससे प्रदेश की सियासत एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
कांग्रेस ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि निहंगों से जुड़े मामले में प्रशासन का रवैया नरम रहा है, जिससे आम जनता के बीच असुरक्षा का माहौल बन रहा है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया है कि कुछ आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद किस आधार पर छोड़ा गया और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं बरती गई। कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पॉल ने इस पूरे मामले पर सरकार और पुलिस प्रशासन से स्पष्ट जवाब की मांग की है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी वर्ष में कानून-व्यवस्था को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। नरेश बंसल ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में आने वाली यात्राएं राज्य की आस्था और पहचान से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी स्थिति में माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार हर घटना पर गंभीरता से नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।
प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है और दोनों दलों के बीच बयानबाज़ी लगातार तेज होती जा रही है।



