कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कोटद्वार में आयोजित वीर सैनिक सम्मान समारोह में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीर माताओं को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल देवभूमि के रूप में नहीं, बल्कि वीर सैनिकों की भूमि के रूप में भी पूरे देश में है।
कार्यक्रम का आयोजन कोटद्वार स्थित एक निजी वेडिंग प्वाइंट में किया गया। समारोह की अध्यक्षता स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने की, जबकि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की पुस्तक “कण्वाश्रम (भरत से भारतवर्ष)” का विमोचन भी किया गया।
अपने संबोधन में गणेश जोशी ने कहा कि सैनिकों के बीच पहुंचकर उन्हें हमेशा अपने परिवार जैसा अपनापन महसूस होता है। उन्होंने कहा कि वह सैनिकों के बीच मंत्री नहीं, बल्कि एक भाई और बेटे के रूप में आते हैं। उन्होंने अपनी सैन्य पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन के मूल संस्कार सेना से ही मिले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वन रैंक वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास जैसे निर्णय इसका प्रमाण हैं।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के लिए लगातार काम कर रही है। शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी, सम्मान राशि में वृद्धि और वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाएं सैनिकों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।



