रिपोर्ट: ललित जोशी
सरोवर नगरी नैनीताल में महिलाओं द्वारा संचालित प्रेरणा संगठन ने अपना पहला स्थापना दिवस धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया। शेर का डांडा रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक पर्वतीय वेशभूषा और रंगवाली पिछौड़ा पहनकर सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया। इसके साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हाईकोर्ट अधिवक्ता ममता जोशी पंत और विशिष्ट अतिथि रामलीला समिति के अध्यक्ष खुशाल सिंह रावत ने संगठन की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना की। इस अवसर पर ममता जोशी ने सुंदरकांड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान हनुमान के प्रयासों से ही माता सीता और भगवान श्रीराम का पुनर्मिलन संभव हो सका। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि समर्पण, साहस और सेवा का संदेश भी देता है।
हरेला पर्व के अवसर पर महिलाओं ने क्षेत्रवासियों को पारंपरिक अंदाज में “जी रया, जागी रया, यो चौमास भेटते रहिया” कहकर शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के दौरान कुर्सी दौड़, सुई-धागा रेस, चम्मच दौड़ और बुजुर्ग महिलाओं के लिए म्यूजिकल तकिया रेस जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विजेताओं को सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
प्रेरणा संगठन की अध्यक्ष प्रीता पांडे, सचिव ममता जोशी और कोषाध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। मंच संचालन संस्था की संरक्षक लता रावत और हिमांशु तिवारी ने किया। इस दौरान संगठन की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिसमें वर्षभर किए गए सामाजिक कार्यों की जानकारी साझा की गई। संस्था ने बताया कि वर्ष 2025 में स्थानीय समस्याओं को उठाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप एक महत्वपूर्ण विकास कार्य के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिली।
कार्यक्रम में सुमन रावत, विनीता चंदोला, कमला बिष्ट, आशा बिष्ट, प्रीति फर्त्याल, नंदी राठौर, मंजू पांडे, गंगा डंगवाल, चंपा मावड़ी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजन ने सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण और उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश दिया।



