रिपोर्ट: अरशद हुसैन
रुड़की: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की रुड़की शाखा ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। संगठन ने कहा कि अस्पतालों में बढ़ती हिंसा स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसे रोकने के लिए कठोर कदम उठाना बेहद जरूरी है।
प्रेस वार्ता के दौरान आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि डॉक्टरों का पहला दायित्व मरीजों का इलाज करना है, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि डॉक्टर खुद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लगातार सामने आ रही हिंसा की घटनाएं चिकित्सा व्यवस्था पर नकारात्मक असर डाल रही हैं।
आईएमए ने हाल ही में रुड़की के एक निजी अस्पताल में हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती।
संगठन ने सरकार से अस्पतालों में सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने, नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था लागू करने और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को गंभीर अपराध घोषित करने की भी अपील की गई।
आईएमए ने कहा कि डॉक्टरों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित रहेंगे तो मरीजों को भी बेहतर और निर्बाध चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।



