रुड़की: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार शाम रुड़की में जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) ने मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बीएसएम चौक से चंद्रशेखर चौक तक पदयात्रा और मशाल जुलूस निकालते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली, राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। हाथों में मशाल और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मशाल जुलूस के दौरान छात्रों के समर्थन में जमकर नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ बल प्रयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं के साथ कथित तौर पर बर्बरता की गई, जिसकी जन अधिकार पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और सभी पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया जाए।
जन अधिकार पार्टी ने स्पष्ट किया कि छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



