रिपोर्टर: अरशद हुसैन
रुड़की: दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में उत्तराखंड के मंगलौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस विधायक काज़ी निजामुद्दीन के नेतृत्व में आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए।
कैंडल मार्च देर शाम मंगलौर पुलिस चौकी से शुरू हुआ और मुख्य बाज़ार से होते हुए बस अड्डे तक निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां और सरकार विरोधी तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। साथ ही छात्रों के समर्थन में अपनी एकजुटता भी व्यक्त की।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी नागरिक, विशेषकर छात्रों को अपनी मांग शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। उनका आरोप था कि छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस अवसर पर कांग्रेस विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की आवाज़ को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास किया जाएगा तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
मार्च के दौरान पूरे रास्ते कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भी भागीदारी देखने को मिली।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर की घटना को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मंगलौर में निकाला गया यह कैंडल मार्च भी उसी विरोध प्रदर्शन की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है।



