रिपोर्टर: ललित जोशी
नैनीताल: कुमाऊँ मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न न्यायालयों, अनुभागों और राजस्व अभिलेखागार की कार्यप्रणाली का गहन जायजा लिया। इस दौरान लंबित वादों के धीमे निस्तारण पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को अगले दो माह के भीतर सभी लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, शस्त्र अनुभाग, आरटीआई अनुभाग, राजस्व अभिलेखागार, भू-अभिलेख अनुभाग सहित कई महत्वपूर्ण शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों की जांच के साथ अधिकारियों से विभिन्न मामलों की प्रगति की विस्तृत जानकारी भी ली।
लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) न्यायालय के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम, गुंडा नियंत्रण अधिनियम और स्टांप अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई मामलों के निस्तारण की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह नियमित समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए।
दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा पर चलाने होंगे विशेष अभियान
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में व्यापक और सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
राजस्व अभिलेखागार में पारदर्शिता पर विशेष जोर
राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने भूमि और राजस्व संबंधी नकल के लिए प्राप्त आवेदनों, पंजिका के रखरखाव और समय पर नकल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि नकल के लिए प्राप्त प्रत्येक आवेदन का उसी दिन पंजिका में अंकन किया जाए और आवेदकों को समय पर दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
रिकॉर्ड संधारण में पाई गई अनियमितताओं पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित कार्मिकों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी।
हर महीने होगा राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण
आयुक्त ने निर्देश दिए कि दोनों अपर जिलाधिकारी हर महीने एक-एक बार राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण करेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी को रोस्टर जारी करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
शस्त्र और खनन अनुभाग की सराहना
शस्त्र अनुभाग और खनन अनुभाग के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वहां किए जा रहे कार्यों और प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह अपने क्षेत्र के गन हाउस का नियमित और गहन निरीक्षण करें।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय की प्रगति की सराहना
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित और निस्तारित मामलों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने वहां वादों के निस्तारण की बेहतर प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि इसी तरह अपर जिलाधिकारी न्यायालयों में भी लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, सौरभ असवाल, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनिल शर्मा, मुरलीधर सहित सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
इससे पहले कलक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी ने आयुक्त दीपक रावत का पुस्तक भेंट कर स्वागत किया, जबकि पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।



