देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं में उत्तराखंड युवा आयोग की स्थापना का निर्णय प्रमुख रूप से चर्चा में है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य के विकास और नीति निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए युवा आयोग का गठन किया जाएगा, जिससे युवाओं के सुझावों और विचारों को शासन-प्रशासन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा का राज्य युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल ने स्वागत करते हुए इसे उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है।
विनोद सुयाल ने कहा कि प्रस्तावित युवा आयोग एक मजबूत संस्थागत व्यवस्था के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि आयोग युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों, सुझावों और अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। साथ ही यह राज्य की नीतियों और विकास योजनाओं में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल युवाओं की सोच, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को राज्य के विकास से जोड़ने का कार्य करेगी। आयोग युवाओं की समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार को आवश्यक सिफारिशें भी देगा।
विनोद सुयाल के अनुसार, युवा आयोग एक संवैधानिक संस्था की तर्ज पर कार्य करेगा तथा इसके पास कुछ न्यायिक शक्तियां भी होंगी। इससे युवाओं से जुड़े मामलों के समाधान और उनके अधिकारों की सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि युवा आयोग की स्थापना से उत्तराखंड के युवाओं को अपनी बात रखने के लिए एक सशक्त मंच मिलेगा और राज्य के नीति निर्माण में उनकी भूमिका पहले से अधिक प्रभावी होगी।



