रुड़की। उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद भाजपा द्वारा कथित रूप से कराए गए शुद्धिकरण हवन को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद अब मंगलौर में भी कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के नेतृत्व में आयोजित जनसभा में दलित समाज और अल्पसंख्यक समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। सभा में उपस्थित लोगों ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का संकल्प भी लिया।
जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक काजी निजामुद्दीन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में आज भी समाज में छुआछूत जैसी मानसिकता देखने को मिल रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित और मुस्लिम समाज इस तरह की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
वहीं, झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाति ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर (Special Intensive Revision) के नाम पर दलितों और मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है और कांग्रेस ऐसे मुद्दों को जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी।
जनसभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।



