रिपोर्टर: सचिन कुमार
केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर बड़ा कदम उठाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि अब वंदे मातरम् को भी राष्ट्रगान जन-गण-मन की तरह सम्मान देने की दिशा में पहल की जा रही है। इस फैसले को देशभर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की भावनाओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बंगाल में जीत के बाद प्रदेश स्तर की पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण और कल्याणकारी योजनाओं पर फैसले लिए जाएंगे। इसी बीच केंद्रीय कैबिनेट के इस निर्णय ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यदि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर नई गाइडलाइन लागू होती है, तो उसके अपमान को भी राष्ट्रगान के अपमान की तरह गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई, जुर्माना या सजा का प्रावधान भी किया जा सकता है।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए Pushkar Singh Dhami ने कहा कि भारत सरकार ने इस संबंध में अपनी गाइडलाइंस जारी कर दी हैं और अब सभी को इसका पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत देश की भावना और सम्मान का प्रतीक है, इसलिए इसे हर नागरिक को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “जो लोग अब तक इसे भूल गए थे, उन्हें भी अब इसे स्वीकार करना पड़ेगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रमुख प्रतीक रहा है। ऐसे में इसे राष्ट्रगान के समान सम्मान देने की पहल को ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।


