रिपोर्ट: सचिन कुमार
मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी दिशा में बुधवार को प्रदेश के सभी 13 जिलों के 66 संवेदनशील स्थानों पर एक साथ मेगा आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) मुख्यालय पहुंचकर पूरे अभ्यास की निगरानी की।
मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन, बादल फटना, सड़क बंद होने और अन्य आपात स्थितियों का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास कराया गया। राहत एवं बचाव दलों की सक्रियता, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का भी परीक्षण किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कंट्रोल रूम से सभी जिलाधिकारियों से वर्चुअल संवाद कर तैयारियों का फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन केवल कागजी प्रक्रिया न रहे, बल्कि हर विभाग 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्य करे और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करे।
इस राज्यव्यापी अभ्यास में NDRF, ITBP, सेना सहित कई केंद्रीय एजेंसियों ने भी भाग लिया। वहीं, आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि 66 संवेदनशील स्थानों पर आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मॉक ड्रिल के बाद समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाएगा।



