रिपोर्टर: नवीन चन्दोला
चमोली जिले के थराली से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला की अस्पताल से रेफर किए जाने के दौरान 108 एम्बुलेंस में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) थराली की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मृतका की पहचान कुराड़ गांव (आफर तोक) निवासी सरिता देवी (35), पत्नी नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि महिला को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल में समय पर चिकित्सकीय जांच नहीं की गई और कई घंटे बाद डॉक्टर ने महिला को देखा।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे। प्राथमिक जांच के बाद महिला को कर्णप्रयाग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में नारायणबगड़ के पास उसकी हालत बिगड़ गई और एम्बुलेंस में ही उसने दम तोड़ दिया। कर्णप्रयाग पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव था, जिससे समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



