रिपोर्टर: आसिफ़ इक़बाल
रामनगर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर समाजवादी लोकमंच ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के बैनर तले जुटे दर्जनों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।
समाजवादी लोकमंच के संयोजक ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे युवाओं का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से उठता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पिछले कई सप्ताह से आंदोलन चल रहा है। उनका दावा है कि इस आंदोलन के समर्थन में देशभर के छात्र और युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं। समाजवादी लोकमंच ने भी जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
संयोजक ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गठन के बाद से पेपर लीक के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण पर भी सवाल उठाते हुए नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि छात्रों को बेहतर और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग भी दोहराई गई।



