रिपोर्ट: अरशद हुसैन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रुड़की में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय मार्च निकालकर इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। जिला कांग्रेस कमेटी रुड़की महानगर और ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से शुरू हुआ कैंडल मार्च गांधी वाटिका स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सत्याग्रह से हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च के रूप में आगे बढ़े। गांधी वाटिका पहुंचने पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि छात्रों के लगातार संघर्ष और जनदबाव के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा लीक प्रकरण में प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए।
पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज लगातार उठाती रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने परीक्षा लीक प्रकरण में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग दोहराई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।



