रुड़की: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त किए जाने के बाद अब राज्य सरकार मदरसों को शिक्षा विभाग के माध्यम से मान्यता देने की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में हरिद्वार जिले के मदरसों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षा विभाग से मान्यता प्रदान की जाएगी।
हरिद्वार जिले में वर्तमान में 250 से अधिक मदरसे संचालित हो रहे हैं। इन सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार शिक्षा विभाग के अधीन मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार अब तक 26 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है, जबकि अन्य मदरसों से भी लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि फिलहाल आवेदन प्रक्रिया के लिए कोई अंतिम समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हालांकि विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र मदरसों को जल्द से जल्द मान्यता प्रदान कर उन्हें औपचारिक शिक्षा व्यवस्था के दायरे में लाया जाए।
सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से मदरसों में संचालित शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी। साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शैक्षणिक मानकों को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग द्वारा सभी आवेदनों की जांच निर्धारित नियमों और मानकों के आधार पर की जाएगी। इसके बाद पात्र पाए जाने वाले मदरसों को आधिकारिक मान्यता प्रदान की जाएगी।



