रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी : मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), नगर पालिका परिषद मसूरी, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मासोनिक लॉज बस स्टैंड क्षेत्र में रह रहे लगभग 80 परिवारों के मकानों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें दो दिन का समय देते हुए अपना सामान हटाने की अनुमति दी है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उस भूमि से जुड़ा है जहां पूर्व में नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा बस स्टैंड के चौड़ीकरण के साथ आवासीय भवनों का निर्माण किया गया था। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके चलते यह विवाद और भी जटिल हो गया है।
बिना मानचित्र स्वीकृति के बने भवन, पहले भी हो चुकी है सीलिंग
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, उक्त क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के आवासीय भवनों का निर्माण किया गया था। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा पहले भी इन भवनों को सील किया जा चुका था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा सील तोड़कर दोबारा मकानों पर कब्जा कर लिया गया।
इसी स्थिति को देखते हुए मंगलवार को प्रशासन ने दोबारा कार्रवाई शुरू की।
स्थानीय विरोध के बाद मिली 2 दिन की मोहलत
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से बातचीत कर राहत की मांग की। इसके बाद नगर पालिका परिषद ने मानवीय आधार पर लोगों को दो दिन का समय दिया है, ताकि वे अपना सामान सुरक्षित तरीके से निकाल सकें और मकान खाली कर सकें।
प्रशासन का पक्ष
MDDA के अधिशासी अभियंता ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है। उनके अनुसार, बिना स्वीकृति के बनाए गए इन आवासीय भवनों को पहले ही सील किया जा चुका था, लेकिन बार-बार सील तोड़कर अवैध रूप से कब्जा किया गया।
उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जांच के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी और तय समयसीमा के बाद दोबारा सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने स्पष्ट किया कि यह भूमि नगर पालिका की संपत्ति है, जिसे वर्ष 2023 में पार्किंग के लिए स्वीकृत किया गया था। लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए यहां आवासीय भवनों का निर्माण कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद नगर पालिका अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगी।
विवाद और कानूनी प्रक्रिया जारी
यह पूरा मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके चलते प्रशासनिक कार्रवाई और स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।



