रिपोर्टर: नवीन चन्दोला
चमोली: हरिनगर लेटाल गांव की गर्भवती महिला सरिता देवी की सीएचसी थराली से रेफर किए जाने के दौरान 108 एंबुलेंस में हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना से आक्रोशित प्रधान संगठन थराली और स्थानीय ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद प्रधान संगठन ने उपजिलाधिकारी थराली यशवीर सिंह रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य निदेशक को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग की।
सरिता देवी की मौत की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
ज्ञापन में प्रधान संगठन ने कहा कि गर्भवती महिला सरिता देवी की मौत बेहद दुखद और गंभीर मामला है। संगठन ने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और मृतका के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
सीएचसी थराली में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग
प्रधान संगठन का कहना है कि सीएचसी थराली तीन विकासखंडों और तीन तहसीलों की बड़ी आबादी के लिए एकमात्र प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है।
ज्ञापन में मांग की गई कि अस्पताल में जल्द से जल्द—
- स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हो।
- बाल रोग विशेषज्ञ तैनात किए जाएं।
- एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।
- आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई जाए।
- 24 घंटे सुरक्षित प्रसव की सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
- स्टाफ नर्स सहित सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
45 दिन का अल्टीमेटम
प्रधान संगठन थराली ने चेतावनी दी कि यदि 45 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी लगातार गंभीर घटनाओं को जन्म दे रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र रावत, कोषाध्यक्ष प्रमोद जोशी, सचिव मंजू जोशी, उपाध्यक्ष केदार देवराड़ी सहित मनवर सिंह, चमेली देवी, मुकेश बिष्ट, आशीष परिहार, गोबिंद राम, सूरज सोलियाल, भगवत सिंह, दिनेश फर्स्वाण, विजयलाल, बृजमोहन गुसांई और अनीता देवराड़ी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।



