रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ प्रशासन ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया, जिसके तहत 12 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए गए, जबकि 51 वाहनों को सीज किया गया।
नौ रूटों और छह चेकपोस्टों पर सघन निगरानी
आरटीओ प्रशासन के अनुसार, चारधाम यात्रा मार्ग पर परिवहन टास्क फोर्स की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। यात्रा के लिए निर्धारित नौ प्रमुख रूटों पर विशेष प्रवर्तन दल तैनात किए गए, जबकि छह चेकपोस्टों पर चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले वाहनों के ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की अनिवार्य जांच की गई।
इस विशेष अभियान के दौरान करीब 3,500 वाहनों के चालान किए गए। इनमें 1,000 उत्तराखंड और 2,500 बाहरी राज्यों के वाहन शामिल थे। नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 51 वाहनों को सीज भी किया गया।
9 हजार से अधिक वाहनों पर अतिरिक्त कार्रवाई
चेकपोस्टों के अलावा यात्रा मार्ग पर तैनात परिवहन विभाग के एनफोर्समेंट स्क्वॉड ने भी व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान 9,000 से अधिक वाहनों के चालान किए गए, जिनमें 6,000 उत्तराखंड और 3,000 अन्य राज्यों के वाहन शामिल रहे।
सड़क सुरक्षा बढ़ाने पर जोर
आरटीओ प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य चारधाम यात्रा के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और रैश ड्राइविंग पर प्रभावी रोक लगाना है। विभाग का मानना है कि नियमित चेकिंग और सख्त प्रवर्तन के कारण यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सभी यातायात नियमों का पालन करें, आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और सुरक्षित एवं जिम्मेदारी से वाहन चलाएं, ताकि चारधाम यात्रा सभी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम बनी रहे।



