रिपोर्ट: प्रदीप श्रीवास्तव
जसपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जसपुर खंड विकास कार्यालय से जुड़े एक मामले में संविदाकर्मी कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मामले में नामजद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
वाटर कूलर लगाने के भुगतान के बदले मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, जसपुर खंड विकास कार्यालय के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वाटर कूलर लगाने का कार्य किया गया था। इस कार्य का भुगतान जारी करने के बदले संविदाकर्मी जेई विवेक कुमार ने ठेकेदार सरफराज अहमद से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
आरोप है कि इसी मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने भी कथित तौर पर “इनाम” के नाम पर 12 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की थी।
ठेकेदार की शिकायत पर विजिलेंस ने बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार सरफराज अहमद ने सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सेक्टर निदेशक डॉ. बी. मुरुगेशन के निर्देशन में विजिलेंस की ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजना के अनुसार टीम ने जाल बिछाया और कुंडा, काशीपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए विवेक कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
फरार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भी होगी कार्रवाई
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मामले में नामजद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर फिलहाल फरार हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम विवेचना की जा रही है और जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यों में रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



