रिपोर्ट: अरशद हुसैन
रुड़की: हरिद्वार जिले के झबरेड़ा कोतवाली क्षेत्र के सुसाड़ा गांव में पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के ग्राम प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक अधिवक्ता पर उनकी कृषि भूमि को कथित रूप से बिना जानकारी के बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्राम प्रधान ने बताया कि करीब 10 बीघा कृषि भूमि उनके चाचा सुखपाल के नाम दर्ज थी। उनका दावा है कि कुछ वर्ष पहले यह जमीन केवल 10 रुपये के बदले एक अधिवक्ता लक्ष्मण के पास गिरवी रखी गई थी। आरोप है कि बाद में अधिवक्ता ने परिवार को बिना विश्वास में लिए यह जमीन मुनेश नाम के व्यक्ति को बेच दी।
ग्राम प्रधान के अनुसार, विवादित जमीन की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपये है। उनका कहना है कि इतनी मूल्यवान संपत्ति को बेहद कम कीमत पर बेच दिया गया, जिससे उनके परिवार को आर्थिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस पूरे लेन-देन पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने किसी ऑनलाइन पोर्टल पर उन पर चोरी से पेड़ बेचने जैसे आरोप लगाए हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि इन आरोपों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और उन्हें मानसिक रूप से भी परेशान होना पड़ा है।
ग्राम प्रधान ने कहा कि वह जल्द ही पूरे मामले की शिकायत जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से करेंगे। वहीं, इस मामले में अधिवक्ता लक्ष्मण और जमीन खरीदने वाले मुनेश की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



