रिपोर्ट: सचिन कुमार
उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और सड़क अवरोध जैसी चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में 2 जुलाई को राज्यस्तरीय मानसून मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में आयोजित टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान जिलों में उपलब्ध संसाधनों, राहत टीमों, संचार व्यवस्था और विभागीय समन्वय का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज और प्रभावी बनाना है। इसके जरिए यह भी देखा जाएगा कि अलग-अलग विभाग आपस में किस तरह समन्वय स्थापित कर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आधुनिक आपदा राहत उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। अधिकारियों ने बताया कि इन उपकरणों का उपयोग बाढ़, भूस्खलन, भवन ध्वस्त होने और अन्य आपदाओं के दौरान लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने में किया जाता है।
राज्य सरकार का कहना है कि मानसून के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। समय रहते तैयारी और नियमित अभ्यास से जान-माल के नुकसान को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।



