रिपोर्ट: आसिफ इक़बाल
रामनगर: देशभर में सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में रामनगर में सामाजिक संगठन ‘नेकी की दीवार’ के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। संगठन के संयोजक तारा चंद्र घिल्डियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रामनगर के माध्यम से भेजा गया।
प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक के मामलों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि ऐसी घटनाओं से भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए, ताकि युवाओं का भरोसा कायम रह सके। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नेकी की दीवार और उसकी प्रहरी विंग के सदस्यों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनशन स्थल से हटाए जाने के मामले पर भी विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामनगर को सौंपा गया, जिसे आगे संबंधित अधिकारियों तक भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।



